इस बार आईपीएल बायो-सिक्योर माहौल में यूएई में 19 सितंबर से 10 नवंबर तक होना है
इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) को होने में अब 46 दिन बचे हैं। इससे पहले ही भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने चाइनीज मोबाइल कंपनी वीवो से टाइटल स्पॉन्सरशिप छीन ली है। हालांकि, अभी इसका आधिकारिक ऐलान बोर्ड ने नहीं किया है। पर, रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि वीवो के साथ 2022 में खत्म हो रहा वीवो का करार अभी खत्म कर दिया गया है। कॉन्ट्रैक्ट के तहत बोर्ड को हर साल 440 करोड़ रुपए मिलते हैं। अब बीसीसीआई ने नए टाइटल स्पॉन्सर की तलाश शुरू कर दी है।
रविवार को हुई आईपीएल की गवर्निंग काउंसिल की बैठक में वीवो के साथ करार को जारी रखने के फैसला किया था। इसके अगले दिन सभी फ्रेंचाइजियों के साथ बैठक हुई। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो ज्यादातर फ्रेंचाइजी इस बात से नाराज नजर आए। इसके चलते बीसीसीआई ने यह फैसला ले सकता है।
पहली बार रविवार को नहीं, मंगलवार को होगा फाइनल
इस बार आईपीएल 19 सितंबर से 10 नवंबर तक यूएई में होगा। टूर्नामेंट में 10 डबल हेडर यानी एक दिन में 2-2 मैच होंगे। शाम के मैच पुराने शेड्यूल से आधा घंटा पहले यानी 7.30 बजे से शुरू होंगे। दोपहर के मैच 3.30 बजे से होंगे। 10 नवंबर को मंगलवार का दिन है। ऐसा आईपीएल के इतिहास में पहली बार होगा, जब फाइनल वीक-डे में खेला जाएगा।
सरकार ने भी चीनी एप्स को बैन किया था
15 जून की रात गलवान घाटी में भारत और चीनी सैनिकों में हुई खूनी झड़प में भारत के 20 जवान शहीद हो गए थे। इसके बाद देशभर में चाइनीज कंपनियों के खिलाफ बायकॉट कैंपेन चला। इसी साथ भारत सरकार ने भी टिकटॉक समेत 59 से ज्यादा चीनी एप्स को बैन कर दिया था।
भारतीय बाजार में चीनी कंपनियों का दबदबा
पिछले तीन-चार साल में चीनी स्मार्टफोन कंपनियों Xiaomi, Vivo, Oppo, Honor का दबदबा देखा गया है। इन कंपनियों के स्मार्टफोन्स को भारतीय बाजार में यूजर्स काफी पसंद कर रहे हैं। इतना ही नहीं विज्ञापन इंडस्ट्री में भी चाइनीज ब्रैंड ओप्पो, शाओमी और वीवो का दबदबा है। ओप्पो का एडवरटाइज बजट 700 करोड़ रुपए सालाना है। शाओमी का 200 करोड़ रुपए का बजट है। पिछले साल विवो ने आईपीएल के स्पांसर पर 2,199 करोड़ खर्च किया था। वीवो से बीसीसीआई को करीब 440 करोड़ रुपए का मुनाफा होता है। आईपीएल के एक सीजन में चीन के टीवी ब्रांड का 127 करोड़ का बजट होता है।
बीसीसीआई ने सैनिकों का अपमान किया
चाइनीज कंपनी से करार जारी रखने पर राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ (आरएसएस) समेत कई संगठन भी आईपीएल का बायकॉट करने की बात कर रहे थे। संघ से जुड़े स्वदेशी जागरण मंच के राष्ट्रीय सह-संयोजक अश्विनी महाजन ने कहा था, ‘‘जब से गलवान घाटी में हमारे 20 जवान शहीद हुए हैं, तब से देशभर में चीन और उनकी कंपनियों के खिलाफ विरोध चल रहा है। ऐसे में आईपीएल के ऑर्गनाइजर्स ने चीनी कंपनी को स्पॉन्सर बना दिया। यह दिखाता है कि उनकी भावनाएं सही नहीं हैं। यदि जल्द ही करार को खत्म नहीं किया गया, तो हमारे पास आईपीएल का बायकॉट करने के अलावा कोई ऑप्शन नहीं होगा।’’
क्रिकेट देश से बढ़कर नहीं है
महाजन ने कहा था, ‘‘हम आईपीएल के ऑर्गनाइजर्स से अपील करते हैं कि वे अपने फैसले पर दोबारा विचार करें। यदि ऐसा नहीं होता है, तो जो देशभक्त चीनी कंपनियों का बहिष्कार कर रहे हैं, उन पर गलत प्रभाव पड़ेगा। याद रखिए कि देश से बढ़कर कुछ भी नहीं है, क्रिकेट भी नहीं।
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